मुर्गा की प्रतिभा

      एक समय की बात है, राजा के दरबार में एक दरबारी काम किया करता था वह बहुत ही बुद्धिमान था इसीलिए राजा उसे समय-समय पर कुछ न कुछ पुरूस्कार दिया करते थे. एक दिन बाकि दरबारियों को यह बात अच्छी नहीं लगी उन्होंने तुरंत राजा से कहा, “ हम सब भी आपके दरबारी हैं, लेकिन आप हमारे साथ शायद भेद-भाव करते हैं, आप उसे ही क्यों इनाम देते हैं?” 
      यह सुनकर राजा मुस्कुराने लगे और उन्होंने उस बुद्धिमान दरबारी को बुलाने का आदेश दिया. कुछ देर बाद जब दरबारी राजा के सामने उपस्थित हुआ तो उसके कंधे पर एक थैला लटका हुआ था.. राजा ने थैले की ओर इशारा करते हुए पूछा कि इस थैले में क्या है  

     दरबारी ने उत्तर देते हुए कहा- “महाराज बहुत बड़ी उलझन में हूँ! इस थैले में एक मुर्गा है” ऐसा कहते हुए उसने अपने मुर्गे को थैले से निकालकर बाहर रख दिया.

"महाराज, आपकी कृपा से मेरे पास नौ मुर्गियाँ और एक मुर्गा है, मैं हर दिन इन दस प्राणियों के हिसाब से दाना डाला करता हूँ, लेकिन यह मुर्गा हर दिन ही आधा हिस्सा चट कर जाता है और यह नौ मुर्गियाँ भूखी ही रह जाती हैं... "
"महाराज! कृपया आप ही बताएं कि हम इस मुर्गे को क्या सजा दें-?" दरबारी ने राजा से कहा.
दरबारी की इस बात को सुनकर राजा हँसते हुए बोले- “ इसमें बेचारे मुर्गे का क्या कसूर है, यह मुर्गियों से ज्यादा तंदरुस्त है, अधिक सक्षम है इसीलिए इसे ज्यादा खुराक की जरूरत होगी.. इसे तो अपने क्षमता के हिसाब के मिलना ही चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता तो इस मुर्गे के साथ नाइंसाफी होगी!!”

    इसके बाद राजा ने सभी दरबारियों को विनम्र भाव से कहा- अब तो आप सबको पता चल ही गया होगा कि मैं इसे ही ज्यादा पुरूस्कार क्यों देता हूँ, यह भी मेरे लिए मुर्गियों में अकेले मुर्गे की तरह है क्योंकि यह ज्यादा बुद्धिमान है, आप सबसे अधिक योग्य है और इसी कारण मुझे इसकी क्षमता के हिसाब से मुझे देना पड़ता है और यदि मैं ऐसा नहीं करूँगा तो इसके साथ बहुत नाइंसाफी होगी...

        सभी दरबारी भी राजा की उस बात से सहमत हो गए और उन्होंने इस बात पर राजा की प्रशंसा भी की..
मित्रों इसी तरह ऊपरवाला या कहें भगवान भी उसी को कुछ ज्यादा या बहुत ज्यादा देते हैं जो अपनी क्षमताओं का भरपूर उपयोग करता है, जो अपने प्रतिभा के दम पर कुछ भी हासिल करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करता है, जो यह जताता है कि वह उसे हासिल करने और अपने दम पर पाने के लायक है.

ईश्वर ने हमे कुछ विशेष क्षमताएं देकर यहाँ भेजा है, किसी के अंदर संगीत की कला है तो किसी के अंदर अच्छा लिखने की.. और ऐसे ही अनेकों गुण हम सबके अंदर मौजूद है एवं हमे अपने प्रतिभा के दम पर यह सिद्ध करना है कि हम अपने गुणों के बदौलत ईश्वर से हर चीज, हर सुख पाने के काबिल बन सकते हैं और हमारे अंदर यह विश्वास भी जगाना है कि वह ईश्वर अपने किसी विशेष गुण के कारण हमे एक दिन बहुत ज्यादा देने वाला है या उसने यह काम शुरू कर दिया है.....
                                                             धन्यवाद!
किरण साहू
रायगढ़, छत्तीसगढ़
वेबसाइट: www.hamarisafalta.com
ई-मेल    : hamarisafalta@gmail.com
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       बुद्धिमानी, प्रतिभा, सूझबूझ और प्रेरणा से भरपूर ये रोचक हिंदी कहानी हमें किरण साहू जी ने रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से भेजी है जिसके लिए हम किरण साहू जी के बहुत आभारी हैं. किरण जी एक बेहतरीन Motivational लेखक और एक प्रोफेशनल ब्लागर हैं. आप इनकी शिक्षाप्रद हिंदी कहानियां और प्रेरणादायक लेख इनकी वेबसाइट हमारी सफलता डॉट कॉम पर पढ़ सकते हैं. किरण जी एक अच्छे लेखक, ब्लागर होने के साथ साथ वेबसाइट डिज़ाइन का काम भी करते हैं. यदि आपको वेबसाइट डिजाईन का काम करवाना हो तो आप इनसे इनके ई-मेल पते पर contact कर सकते हैं.

    This motivational short story on talent is written Mr. Kiran Sahu Ji. We are very grateful to Kiran Sahu Ji to share this interesting story with us in Hindi. We wish for Kiran Ji a great success and happiness in his life.
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