बेहतरीन शायरी (Part-3)



फलसफा-ए-जिंदगी (Fasafa-Shayary in Hindi)


होगा जिक्र अगर वफाओं का कभी जिंदगी में

पहला नाम आएगा उनका जिहोने मुझे इतना रुलाया

रोते रोते महसूस किया जिंदगी का फलसफा

जिसे चाहा जान से भी ज्यादा उसी ने इतना रुलाया. .

वफ़ा जिनसे की उन्हीनें रुलाया...(Wafa-Shayary in Hindi)


लोग पूछते हैं कभी मैं इतना खुश कैसे रह लेता हूँ

कैसे बताएं उनको दिल के दर्द कैसे छुपा लेता हूँ

एहसानमंद हूँ मैं उन पलों का जिनमे मैं इतना टूटा

टूटकर भी न टूटना जिन्होंने सिखाया.


वफ़ा (Wafa Shayary in Hindi)


न करेंगे जिक्र उनकी वफ़ा का

ये लाख बार सोचा हमने

पर जब भी बेवफाई की बात आई

पहला जिक्र उन्हीं का आया.

दस्तूर (Dastur Shayary in Hindi)


अजीब दस्तूर है जिंदगी का
जिसे चाह उसी ने रुलाया
हमने भी तो खुदा से मांगे थे उनके गम,
जब गम मिले तो हमें रोना आया.



हसरतें Hasrate Shayary in Hindi)


या खुदा तू उसे सलामत रखना जिसे हमने चाहा

हसरतें इस दिल की बहुत सी हैं पर

उसकी खुशियाँ सलामत रखना पहले

जिसे हमने तुझसे माँगा.

तक़दीर (takdir Shayary in Hindi)


मांग लेते खुदा से गर

तो बहुत कुछ मिल जाता

कमबख्त ऐ-तक़दीर ऐसी थी कि

तुम्हारी खुशियों के सिवा कुछ न माँगा
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धन्यवाद.
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